‘सुशासन तिहार’ जनता और कर्मचारियों के साथ क्रूर मजाक, 21 पंचायतों से आए सिर्फ 15 आवेदन: शोएब अहमद
भयंकर गर्मी में शिविरों का आयोजन 'जन-समस्या निवारण' नहीं, 'कर्मचारी-उत्पीड़न' शिविर : कांग्रेस

भानुप्रतापपुर। ब्लॉक कांग्रेस महामंत्री शोएब अहमद ने प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा आयोजित ‘सुशासन तिहार’ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस आयोजन को जनता और सरकारी कर्मचारियों दोनों के साथ एक क्रूर मजाक करार दिया है। शनिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में अहमद ने आरोप लगाया कि सरकार पिछले साल के आवेदनों का हिसाब दिए बिना, इस भीषण गर्मी में केवल कागजी खानापूर्ति और फोटो खिंचवाने के लिए शिविर लगा रही है।
“जनता ने नकारा सुशासन का दावा”
शोएब अहमद ने संबलपुर में आयोजित शिविर का हवाला देते हुए कहा कि 21 ग्राम पंचायतों के लिए लगाए गए इस शिविर में मात्र 15 आवेदन आए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हालत यह है कि एक पंचायत से औसतन एक आवेदन भी नहीं आया। शिविरों में आवेदन देने वाले ग्रामीणों से ज्यादा आवेदन लेने वाले कर्मचारी मौजूद थे। यह सरकार के मुंह पर तमाचा है कि जनता का इस व्यवस्था से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।”
45 डिग्री तापमान में कर्मचारी बेहाल
कांग्रेस नेता ने मानवीय दृष्टिकोण से भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 45 डिग्री के जानलेवा तापमान में बिना कूलर-पंखे के टेंट लगाकर पटवारी, शिक्षक, सचिव और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बैठा दिया गया है। लू के थपेड़ों के बीच कर्मचारियों को बिना किसी सुविधा के झोंक देना ‘जन-समस्या निवारण’ नहीं, बल्कि ‘कर्मचारी-उत्पीड़न’ है। अहमद ने सवाल उठाया कि जब पिछले साल के आवेदनों का स्टेटस पता नहीं, तो लोग दोबारा फॉर्म भरने की जहमत क्यों उठाएंगे?
अधूरे जल जीवन मिशन पर घेराव
संबलपुर की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वहां जल जीवन मिशन का काम 4 साल बाद भी अधूरा है। पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने इस नाराजगी में एसडीओ का घेराव भी किया। अहमद ने कहा, “एक तरफ लोग प्यासे हैं और दूसरी तरफ सरकार उन्हें फॉर्म पकड़ा कर सुशासन का नाटक कर रही है।”
सरकार से पूछे सात तीखे सवाल
शोएब अहमद ने सरकार के सामने सात प्रमुख सवाल रखे हैं, जिनमें पिछले साल के आवेदनों का ब्यौरा, लंबित और निरस्त आवेदनों का कारण, और भीषण गर्मी में कर्मचारियों के लिए मेडिकल किट व ठंडे पानी की व्यवस्था न होने पर जवाब मांगा गया है।
कांग्रेस की मांग और चेतावनी
सरकार पिछले साल के हर आवेदन का स्टेटस हर पंचायत में चस्पा करे।
संबलपुर जल जीवन मिशन का कार्य 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाए।
शिविरों में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों के लिए कूलर, ORS और मेडिकल सुविधा सुनिश्चित हो।
शोएब अहमद ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार 15 दिनों के भीतर इन मुद्दों पर श्वेत पत्र जारी नहीं करती, तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने मंत्रियों को चुनौती दी कि वे एक दिन एसी कमरों से बाहर निकलकर 45 डिग्री के टेंट में बैठें, तब उन्हें असली ‘सुशासन’ का अहसास होगा।
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