शासकीय कार्य के दौरान पंचायत सचिव से मारपीट पर पुलिस की चुप्पी से सचिव संघ में उबाल, 17 सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की दी चेतावनी

भानुप्रतापपुर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत परवी में शासकीय कार्य के दौरान पंचायत सचिव के साथ हुई मारपीट और अभद्रता के मामले में पुलिस द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज न किए जाने से छत्तीसगढ़ प्रदेश पंचायत सचिव संघ में भारी आक्रोश व्याप्त है। सचिव संघ ने पुलिस और प्रशासन पर जनप्रतिनिधि को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए 17 सितंबर से पूरे जिले में काम बंद कर अनिश्चितकालीन आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की स्पष्ट चेतावनी दी है।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 11 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत परवी में शासन के आदेशानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों का गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान पंचायत सचिव राजेन्द्र सलाम अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। कार्यक्रम स्थल पर ग्राम रोजगार सहायक सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित थे।
इसी दौरान सरपंच राजेन्द्र ध्रुव ने मौके पर पहुंचकर अकारण विवाद शुरू कर दिया और बात बढ़ते ही सचिव राजेन्द्र सलाम के साथ गाली-गलौज करते हुए गंभीर रूप से मारपीट की, जिससे शासकीय कार्य में सीधा व्यवधान उत्पन्न हुआ। घटना के तुरंत बाद पीड़ित सचिव ने भानुप्रतापपुर थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया तथा अपनी चोट का डॉक्टर मुलायजा (मेडिकल परीक्षण) भी कराया।
पुलिस और प्रशासन की चुप्पी से गहराया रोष
घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी भानुप्रतापपुर पुलिस द्वारा आरोपी सरपंच के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न किए जाने से पीड़ित सचिव दहशत में है। सचिव संघ का कहना है कि ऑन-ड्यूटी शासकीय कर्मचारी पर हमला और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाना एक संगीन अपराध है, इसके बावजूद पुलिस की निष्क्रियता प्रशासनिक लापरवाही और आरोपी को संरक्षण देने की ओर इशारा करती है।
जिला कलेक्टर और एसपी को सौंपा गया ज्ञापन
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश पंचायत सचिव संघ (जिला इकाई – उत्तर बस्तर कांकेर) ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (कांकेर) के साथ-साथ SDM, जनपद CEO और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है।
संघ ने अपनी मुख्य मांगें इस प्रकार रखी हैं:
कड़ी धाराओं में FIR व गिरफ्तारी: आरोपी सरपंच राजेन्द्र ध्रुव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 121 एवं धारा 132 (शासकीय कार्य में बाधा व शासकीय सेवक पर हमला) के तहत तत्काल अपराध पंजीकृत कर उसे गिरफ्तार किया जाए।
पद से बर्खास्तगी: छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत आरोपी सरपंच को तत्काल उसके पद से पृथक (बर्खास्त) किया जाए।
24 घंटे का अल्टीमेटम: 17 सितंबर से होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन
पंचायत सचिव संघ के प्रांताध्यक्ष उपेन्द्र सिंह पैकरा, जिलाध्यक्ष शंभू साहू, भानुप्रतापपुर ब्लॉक अध्यक्ष कृष्णा कावड़े एवं अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि शासकीय कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 16 सितंबर 2026 तक आरोपी सरपंच पर प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो 17 सितंबर 2026 से जिले की सभी जनपद पंचायतों में पदस्थ ग्राम पंचायत सचिव काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान यदि कोई प्रशासनिक व्यवधान या स्थिति निर्मित होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जिला व पुलिस प्रशासन की होगी।
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