भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत, ट्रक ने बाइक सवारों को 50 मीटर तक घसीटा

भानुप्रतापपुर। भानुप्रतापपुर-दल्लीराजहरा मार्ग पर शुक्रवार को एक हृदयविदारक सड़क हादसा हो गया। ग्राम टेकाढ़ोडा साल्हे के पास लौह अयस्क से भरे एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक ट्रक के नीचे फंस गए और ट्रक उन्हें लगभग 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। इस हादसे में दोनों युवकों की जान चली गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, साल्हे निवासी कपिल सलाम और रितेश बढ़ाई बाइक सीजी 19 बीटी 2100 पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम टेकाढ़ोडा के पास लौह अयस्क लेकर जा रहे ट्रक क्रमांक सीजी 07 बीएफ 5400 ने उन्हें सामने से जोरदार टक्कर मार दी। एक युवक बाइक सहित ट्रक के अगले हिस्से में फंस गया। दूसरा युवक ट्रक के पिछले चक्कों की चपेट में आ गया। चालक ने टक्कर के बाद भी ट्रक नहीं रोका और दोनों को करीब 50 मीटर तक घसीटता रहा।।घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हादसे में एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की हालत अत्यंत गंभीर थी। सूचना मिलते ही कच्चे पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को ट्रक के नीचे से निकालकर तत्काल अस्पताल रवाना किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने भी दम तोड़ दिया।
कच्चे पुलिस एक्सीडेंट स्थल में पहुंच कर जांच में जुटी
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि दुर्घटना तेज रफ्तार के कारण हुई या किसी अन्य तकनीकी खराबी की वजह से। इस घटना के बाद से मृतक युवकों के गांव साल्हे में शोक की लहर दौड़ गई है।
रफ़्तार और थकान बन रही काल, सड़कों पर काल बनकर दौड़ रहे ट्रक
भानुप्रतापपुर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। विशेषकर भारी वाहनों ट्रकों की चपेट में आने से लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे स्थानीय व राहगीरों में दहशत और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश का माहौल है। इन हादसों के पीछे मुख्य कारण चालकों की अत्यधिक रफ़्तार और नींद की झपकी को माना जा रहा है।भानुप्रतापपुर मार्ग पर चलने वाले अधिकांश ट्रक चालक निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं। सड़कों पर समय से पहले पहुँचने की होड़ में ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण खो देते हैं। लंबी दूरी और लगातार ड्राइविंग के कारण चालकों को नींद की झपकी आ जाती है, जो अक्सर भीषण टक्कर या वाहन के पलटने का कारण बनती है। क्षेत्र में बढ़ते माइंसों से लौह अयस्क के परिवहन के कारण सड़कों पर ट्रकों का दबाव बढ़ा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है।
प्रशासनिक मुस्तैदी पर सवाल
लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने पुलिस और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि न तो सड़कों पर स्पीड ब्रेकर की सही व्यवस्था है और न ही तेज़ रफ़्तार वाहनों पर लगाम कसने के लिए चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। सड़कों पर पैदल चलना दूभर हो गया है। ट्रक चालक बिना किसी डर के वाहन दौड़ाते हैं। अगर प्रशासन ने जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए, तो ये सड़कें पूरी तरह से ‘खूनी सड़कों’ में तब्दील हो जाएंगी।
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