बस्तर में गृहमंत्री की डेडलाइन का आखिरी दिन: कांकेर में दो हार्डकोर नक्सलियों का आत्मसमर्पण

कांकेर। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा बस्तर संभाग से नक्सलवाद के खात्मे के लिए दी गई ‘डेडलाइन’ के अंतिम दिन सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर बस्तर के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र में दो हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
हथियारों के साथ किया सरेंडर
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पहचान शंकर और हिडमा के रूप में हुई है। इन दोनों के पास से सुरक्षा बलों ने घातक हथियार बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
AK-47 राइफल
वॉकिटॉकी सेट (संचार उपकरण)
अन्य प्रतिबंधित सामग्री
गृहमंत्री की डेडलाइन और सुरक्षा बलों का दबाव
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर को नक्सल मुक्त करने के लिए एक निश्चित समय सीमा (डेडलाइन) तय की थी, जिसका आज अंतिम दिन है। इस समय सीमा के भीतर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन और दबाव काफी तेज कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप नक्सली अब हथियार डालने को मजबूर हो रहे हैं।
कोयलीबेड़ा और परतापुर पर टिकीं नजरें
जिले के कोयलीबेड़ा और परतापुर क्षेत्र के अन्य सक्रिय नक्सलियों पर भी प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या इन इलाकों के अन्य “भटके हुए युवा” भी आज देर शाम तक आत्मसमर्पण करेंगे?
अधिकारियों का कहना है: “सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि आज देर शाम तक कुछ और बड़ी सफलताएं मिल सकती हैं।”
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