क्षेत्रीय विकास की हुंकार: 300 ग्रामीणों ने सुभानी खेडेगांव से दुर्गुकोंदल तक निकाली पदयात्रा

भानुप्रतापपुर। विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की आस लिए शुक्रवार को दुर्गुकोंदल ब्लॉक के तीन ग्राम पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की। ग्राम पंचायत साधुमिचगांव, कोण्डे और सराधुघमरे के लगभग 300 ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सुभानी खेडेगांव से ब्लॉक मुख्यालय दुर्गुकोंदल तक विशाल पदयात्रा निकाली।
जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में प्रदर्शन
यह पदयात्रा जिला पंचायत सदस्य देवलाल नरेटी, जनपद सदस्य धनसाय हुरा, मुकेश गावड़े सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में संपन्न हुई। ग्रामीणों का जत्था पैदल चलते हुए दुर्गुकोंदल बस स्टैंड पहुँचा, जहाँ एक जनसभा का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए देवलाल नरेटी ने कहा, “आजादी के इतने वर्षों बाद भी हमारे क्षेत्र के ग्रामीण सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब तक सरकार हमारी जायज मांगों को पूरा नहीं करती, हमारा प्रयास जारी रहेगा।”
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
पदयात्रा के समापन पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार दुर्गुकोंदल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
सड़क एवं पुलिया निर्माण: कोण्डे से भूसकी (7 किमी) और मेटाघमरे से दोड़काएन्हुर (4 किमी) प्रधानमंत्री सड़क निर्माण।
साधुमिचगांव-ओडाहुर-गरदा (6 किमी) और भूसकी से पड़गल (4 किमी) सड़क निर्माण।
हुलघाट पहुंच मार्ग पर दो पुलिया निर्माण।
शिक्षा विस्तार: ग्राम कोण्डे में कक्षा 1 से 12वीं तक बालक-बालिका आवासीय विद्यालय व छात्रावास की स्थापना।
भूसकी में पूर्व माध्यमिक शाला और साधुमिचगांव में कन्या आश्रम (1 से 8वीं) की स्वीकृति।
स्वास्थ्य एवं कृषि: * दोड़काएन्हुर में उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थापना।
किसानों की सुविधा के लिए ग्राम कोण्डे में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का गठन।
इनकी रही उपस्थिति
इस आंदोलन में मुख्य रूप से प्रेम सिंह पुडो, मनेसिंह सलाम, कुबेर दर्रो, राजेश गोटा, दीपक कल्लो, शंकर जैन, बल्दू दर्रो, विजय कोमरा, विष्णु कोवाची, और मानसू आंचला सहित भारी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष शामिल हुए।
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ज्ञापन में प्रमुख मांगें




