मुख्यालय में नहीं मिलते अधिकारी, किसान हो रहे परेशान
सिंचाई की अनुमति लेने कई दिनों से लगा रहे कार्यालय का चक्कर

भानुप्रतापपुर। सिंचाई से संबंधित कार्यों के चलते किसानो को दर-दर भटकना पड़ रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नही रहने से क्षेत्र के ग्रामीण किसानों को मूलभूत सुविधाएं नही मिल पा रही है। अपने कार्य को लेकर ग्रामीण जल संसाधन कार्यालय का प्रतिदिन चक्कर लगा रहे है। ऐसे ही संबलपुर के एक किसान का मामला सामने आया है जो उड़द फसल के सिचाई के अनुमति के लिए एक जनवरी से अधिकारी से मिलने कार्यालय पहुच रहे है लेकिन अधिकारी से मुलाकात नही होने से आर्थिक मानसिक दंश झेल रहे है। इसी तरह ग्राम घोठा के किसान जो मक्का को फसल लगाने के लिए सिंचाई की अनुमति लेने जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय का पिछले 5 दिनों से चक्कर लगा रहे है, लेकिन अधिकारी के नहीं मिलने से उनका कार्य अटका हुआ है।

जानकारी के अनुसार आवेदिका अमोला बाई पिता शम्भूराम निवासी संबलपुर की है जिनका किसानी खसरा नंबर 212/2, रकबा 0.4250 हेक्टेयर भूमि सीधे चवेला नदी से लगी हुई है। नदी के किनारे खेत होने के बावजूद विभाग के लापरवाही के कारण सिंचाई की सुविधा किसान को नही मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा के अभाव में अपनी उपज बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। खेत नदी के किनारे होने के बावजूद किसानों को नलकूप की अनुमति न मिल पाने से वे भारी संकट का सामना कर रहे हैं। इसी प्रकार चैत राम पिता लाल सिंह निवासी घोठा भी अपने कृषि भूमि खसरा नंबर 1214/4 रकबा 0.50 हे. में उड़द व मक्का की फसल की सिंचाई हेतु अनुमति के लिए जल संसाधन विभाग का चक्कर लगा रहे है। पिछले 3-4 दिन से लगातार कार्यालय आ रहे है लेकिन अधिकारी से मुलाकात नहीं हो पा रही है। इसके पूर्व भी किसानो ने आरोप लगाया था की अनुविभागीय अधिकारी अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते। उनके इसी रवैये से क्षेत्र के किसानो और आम जन में रोष व्याप्त है।

ग्रामीणों ने बताया कि सिंचाई हेतु नलकूप की स्वीकृति नहीं मिलने से फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसान बारिश पर ही निर्भर हैं, जिससे उत्पादन लगातार घटता जा रहा है। किसानों का कहना है कि आधुनिक युग में भी यदि सिंचाई सुविधा न मिले तो खेती करना घाटे का सौदा बन जाता है। धान, सब्जी एवं अन्य मौसमी फसलें पानी के अभाव में नष्ट हो रही हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से नदी से नलकूप की अनुमति प्रदान की जाए, जिससे वे अपने खेतों की समय पर सिंचाई कर सकें और फसल को बचा सकें यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में कई किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं या उग्र आंदोलन हेतु बाध्य हो सकते है।

जल संसाधन विभाग के खिलाफ होगा प्रदर्शन
आप पार्टी के ब्लाक अध्यक्ष रोहित केमरो ने बताया की क्षेत्र के किसानो के साथ अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्षेत्र के किसान बारिश के बाद नहर व बांध के जल से खेतों की सुंचाई करते है। कृषि ही यहाँ के किसानो की आय का प्रमुख माध्यम है। इस कार्य में विभाग की लापरवाही और उदासीनता दिखना ठीक नहीं है। इसके पूर्व भी अनुविभागीय अधिकारी के खिलाफ कई मामलो में शिकायते हुई है लेकिन उच्च अधिकारियों की साँठ गाँठ से मामले को रफ़ा दफ़ा कर दिया गया। लेकिन इस बार किसानो के साथ हो रहे अन्याय और लापरवाही को आप पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी और जल्द ही विभाग और उनके अधिकारी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन व कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
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