3 साल बाद भी अधूरा है पत्रकार भवन, फाइलों में ‘पूर्ण’ दिखा रहे अधिकारी; कलेक्टर से होगी शिकायत

भानुप्रतापपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भानुप्रतापपुर पत्रकार संघ भवन के लिए स्वीकृत ₹15 लाख की राशि भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। तीन साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जबकि नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी फाइलों में इसे पूर्ण दिखाकर ठेकेदार पर मेहरबानी बरसा रहे हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय पत्रकारों में भारी आक्रोश है और अब इसकी शिकायत जिला कलेक्टर से करने की तैयारी कर ली गई है।

कछुआ चाल से काम और फाइलों में जादूगरी
जानकारी के अनुसार, पत्रकार भवन का काम नगर पंचायत भानुप्रतापपुर के माध्यम से एक स्थानीय ठेकेदार विनोद जायसवाल को दिया गया था। निर्माण कार्य शुरू हुए तीन साल का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन भवन आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि धरातल पर काम अधूरा होने के बावजूद नगर पंचायत के इंजीनियर और सीएमओ ने दस्तावेजों में इसे पूर्ण दर्शा दिया है।
50% बिलो में काम, गुणवत्ता पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि ठेकेदार विनोद जायसवाल उन ठेकेदारों में शुमार हैं जो लोक निर्माण विभाग (PWD) में 50 प्रतिशत से भी अधिक बिलो (Below) दर पर काम लेते हैं। जानकारों का कहना है कि जब कोई कार्य स्वीकृत राशि से आधे बजट में लिया जाता है, तो उसकी गुणवत्ता और समय-सीमा का प्रभावित होना तय है। पत्रकार भवन के अधूरे पड़े काम और घटिया कार्यप्रणाली इसी ‘लो-रेट’ टेंडरिंग का नतीजा मानी जा रही है।
दस्तावेज छिपा रहे अधिकारी, पत्रकार संघ के साथ ‘गोल-गोल’ खेल
भवन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए पत्रकार संघ पिछले एक महीने से नगर पंचायत के चक्कर काट रहा है। संघ द्वारा निर्माण कार्य का एस्टीमेट और एमबी दिखाने की मांग की जा रही है, लेकिन सीएमओ और इंजीनियर द्वारा लगातार टालमटोल किया जा रहा है। अधिकारियों का यह रवैया स्पष्ट करता है कि वे ठेकेदार को संरक्षण दे रहे हैं और गड़बड़ियों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
कलेक्टर से होगी जांच की मांग
नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और ठेकेदार की लापरवाही से नाराज पत्रकार संघ ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। संघ के सदस्यों का कहना है कि:
”जनता के पैसों का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम जिला कलेक्टर से मिलकर इस पूरे मामले की लिखित शिकायत करेंगे और मांग करेंगे कि एमबी बुक की फिजिकल वेरिफिकेशन के साथ निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की जाए।”
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