बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की उल्टी गिनती शुरू: कांकेर में 60 लाख के इनामी 21 नक्सली रडार पर

कांकेर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में दशकों से जारी नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक जंग अब अपने अंतिम और सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। केंद्र सरकार द्वारा नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की समय-सीमा (डेडलाइन) में अब महज 30 दिन शेष बचे हैं।
परतापुर एरिया कमेटी पर पुलिस की पैनी नजर
कांकेर एसपी निखिल राखेचा से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के घने जंगलों में नक्सलियों की परतापुर एरिया कमेटी की कंपनी नंबर 5 अभी भी सक्रिय है। इस दस्ते में कुल 21 नक्सली शामिल हैं, जिन पर सामूहिक रूप से 60 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित है। पुलिस की विशेष रणनीति अब इन नक्सलियों की घेराबंदी या आत्मसमर्पण पर टिकी है।
इन दो बड़े चेहरों के सरेंडर का इंतजार
सुरक्षा बलों की नजरें मुख्य रूप से दो बड़े नक्सली लीडरों— चंदर और रूपी पर टिकी हैं। पुलिस का मानना है कि यदि ये दोनों नेता मुख्यधारा में लौटते हैं, तो शेष बचे नक्सलियों का मनोबल टूट जाएगा और वे भी तत्काल आत्मसमर्पण कर देंगे।
बदलाव के लिए मानवीय पहल: जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर
दशकों से विकास (सड़क, अस्पताल और स्कूल) से महरूम उत्तर बस्तर के ग्रामीणों को भयमुक्त वातावरण देने के लिए पुलिस ने एक मानवीय रुख भी अपनाया है। भटके हुए युवाओं को सुरक्षित वापसी का मौका देने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 9479194119 जारी किया गया है।
“हम चाहते हैं कि जो नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, वे बिना किसी डर के इस नंबर पर संपर्क करें। उन्हें सरकार की पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जाएगा।” – पुलिस प्रशासन
डेडलाइन से पहले ‘नक्सल मुक्त’ होने की उम्मीद
जंगलों में सुरक्षा बलों की बढ़ती पैठ और घेराबंदी को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कांकेर जिला केंद्र सरकार की डेडलाइन से काफी पहले ही नक्सल मुक्त घोषित हो सकता है। यह न केवल सुरक्षा बलों की रणनीतिक जीत होगी, बल्कि बस्तर के उन हजारों ग्रामीणों के लिए ‘नई सुबह’ होगी जो वर्षों से दहशत के साये में जीने को मजबूर थे।
Live Cricket Info





