ब्लॉक कांग्रेस राज्यपाल के नाम सौपेंगी ज्ञापन: धान खरीदी की तिथि बढ़ाने और मनरेगा से गांधी जी का नाम न हटाने की मांग

भानुप्रतापपुर। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भानुप्रतापपुर द्वारा आज प्रदेश के किसानों और मजदूरों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की जा रही हैं।

धान खरीदी में ‘पेचीदगी’ से किसान परेशान
ज्ञापन में कांग्रेस ने उल्लेख किया है कि प्रदेश सरकार विभिन्न बहाने बनाकर किसानों का धान खरीदने से बच रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि. रकबा कटौती और टोकन की समस्या: किसानों का पंजीयन रकबा कम कर दिया गया है और टोकन के लिए उन्हें हफ्तों तक कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बायोमेट्रिक की अनिवार्यता: बिना पूर्व प्रचार-प्रसार के बायोमेट्रिक पंजीयन अनिवार्य करने से हजारों किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं।सत्यापन के नाम पर अपमान: गिरदावरी के बाद भी किसानों के घरों पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया, जिससे किसानों में रोष है। वनाधिकार पट्टाधारी उपेक्षित: क्षेत्र के लगभग 5000 वनाधिकार पट्टाधारी किसान धान नहीं बेच पाए हैं क्योंकि खरीदी की समय-सीमा समाप्त हो गई है।
मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाने पर जताई आपत्ति
कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम विलोपित करने की कोशिशों पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने इसे देश के गौरव और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के आधार पर प्रहार बताया है। साथ ही, पंचायतों से रोजगार गारंटी के कामों की स्वीकृति का अधिकार छीने जाने को लोकतंत्र के खिलाफ बताया।
प्रमुख मांगें:
धान खरीदी की अंतिम तिथि में तत्काल वृद्धि की जाए ताकि छूटे हुए किसान धान बेच सकें।
मनरेगा का नाम अपरिवर्तित रखा जाए और गांधी जी का नाम न हटाया जाए।
रोजगार गारंटी के मजदूरों को 400 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जाए।
ग्राम पंचायतों के अधिकारों को यथावत रखा जाए और उनमें कटौती बंद हो।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों और मजदूरों की इन मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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