भानुप्रतापपुर: अवैध लकड़ी तस्करी पर वन विभाग का सर्जिकल स्ट्राइक, मेटाडोर जब्त; डायरी से खुलेगा तस्करी का बड़ा नेटवर्क?

भानुप्रतापपुर। भानुप्रतापपुर वन परिक्षेत्र में बीती रात वन विभाग की टीम ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। नए रेंजर पंकज पटेल के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर कालागांव से लकड़ी से लदे एक मेटाडोर को जब्त किया है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र के लकड़ी तस्करों में हड़कंप मचा दिया है।

तेंदू और सहजा की लकड़ियों से भरा था वाहन
मुखबिर की सूचना पर मुस्तैद वन विभाग की टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए एक मेटाडोर वाहन को पकड़ा, जिसमें भारी मात्रा में तेंदू और सहजा की कीमती लकड़ियां भरी हुई थीं। इन्हें अवैध रूप से कटाई कर खपाने की तैयारी थी। रेंजर पंकज पटेल और उनके स्टाफ द्वारा वर्तमान में जब्ती की कार्रवाई और पंचनामा तैयार किया जा रहा है।
हाथ लगी ‘राजदार’ डायरी: बड़े सिंडिकेट का खुलासा संभव
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वाहन की तलाशी के दौरान वन विभाग के हाथ एक डायरी लगी है। बताया जा रहा है कि इस डायरी में पूर्व में की गई कई ट्रिप और लकड़ी सप्लाई के लेन-देन का ब्यौरा दर्ज है। यदि इस डायरी की बारीकी से जांच होती है, तो क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।

क्या रसूखदारों का पड़ेगा दबाव?
भानुप्रतापपुर पूर्व वन मंडल में पहले भी विवादों में रहा है। चर्चा है कि पूर्व में पकड़े गए लकड़ी से लदे वाहनों को कथित तौर पर ‘मोटी रकम’ और ‘ऊपर’ के दबाव के बाद बिना ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया गया था।
अब आम जनता और पर्यावरण प्रेमियों की नजर इस बात पर टिकी है क्या रेंजर पंकज पटेल और उनकी टीम राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के आगे झुकेंगी?
या फिर इस बार डायरी में दर्ज चेहरों पर कानून का शिकंजा कसेगा?
सराहनीय पहल :- नए रेंजर पंकज पटेल की इस मुस्तैदी की क्षेत्र में सराहना हो रही है। फिलहाल वन विभाग मामले की जांच कर रहा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच की आंच कहां तक पहुँचती है।
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