सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गूकोंदल की बदहाली पर फूटा गुस्सा: सर्व आदिवासी समाज ने घेरा प्रशासन, सीएमएचओ ने दिए सुधार के निर्देश

भानुप्रतापपुर। जिले के दुर्गूकोंदल क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की चरमराती व्यवस्था को लेकर सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने मोर्चा खोल दिया है। समाज ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर अस्पताल में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं को दूर करने की कड़ी चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने खंड चिकित्सा अधिकारी को तत्काल सुधार के निर्देश जारी किए हैं।

मरीजों की जान से खिलवाड़: ये हैं प्रमुख समस्याएं
सर्व आदिवासी समाज द्वारा प्रदेश उपाध्यक्ष ललित नरेटी के नेतृत्व में सौंपे गए मांग पत्र में छह मुख्य बिंदुओं पर ध्यानाकर्षण किया गया है। एंबुलेंस का दुरुपयोग: आरोप है कि अस्पताल की 108 एंबुलेंस और अन्य सरकारी वाहनों का उपयोग निजी कार्यों या अन्य स्थानों पर किया जा रहा है। इसके कारण गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर होने पर स्वयं के खर्च पर निजी वाहन करना पड़ता है, जिससे गरीब ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। पीने का पानी और शौचालय का अभाव: अस्पताल परिसर में स्वच्छ पेयजल और प्रसाधन की उचित व्यवस्था नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर निर्धारित ड्रेस कोड का पालन नहीं करते, जिससे मरीज यह नहीं समझ पाते कि डॉक्टर कौन है। इसके कारण अक्सर वाद-विवाद की स्थिति निर्मित होती है। लापता डॉक्टर और रात्रि सेवा: रात के समय डॉक्टरों की उपलब्धता न होने के कारण स्टाफ कर्मी भी दवा देने में असमर्थ महसूस करते हैं। समाज ने मांग की है कि रात्रि ड्यूटी वाले डॉक्टरों के नाम और मोबाइल नंबर बोर्ड पर स्पष्ट रूप से अंकित किए जाएं। ओपीडी समय में बदलाव: वर्तमान में ओपीडी का समय सुबह और शाम के दो सत्रों में है। क्षेत्र में परिवहन की कमी को देखते हुए इसे सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक लगातार करने की मांग की गई है। सुरक्षा का अभाव: अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता न होने के कारण कर्मचारी और मरीज, दोनों ही असुरक्षित महसूस करते हैं।
प्रशासनिक हरकत: सीएमएचओ ने लिया संज्ञान
सर्व आदिवासी समाज की इस शिकायत के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कांकेर ने तत्काल कार्रवाई की है। दिनांक 25 मार्च 2026 को पत्र के माध्यम से खंड चिकित्सा अधिकारी दुर्गूकोंदल को निर्देशित किया गया है कि वे आवेदन में बताए गए बिंदुओं पर बिंदुवार विचार करें और अस्पताल संचालन की व्यवस्था में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। इस पत्र की प्रतिलिपि संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, कलेक्टर और संभागीय संयुक्त संचालक को भी भेजी गई है, ताकि मामले की निगरानी उच्च स्तर पर की जा सके।
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