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10 साल के इंतजार के बाद बन रही सड़क में भ्रष्टाचार का डामर, अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल

भानुप्रतापपुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दुर्गुकोंदल से कोदापखा तक बन रही लगभग 11 किलोमीटर की सड़क भ्रष्टाचार और विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। ग्रामीणों के लंबे संघर्ष और आंदोलनों के बाद स्वीकृत हुई यह सड़क, ठेकेदार की मनमानी और अधिकारियों की कमीशनखोरी के चलते अपनी गुणवत्ता खो रही है। मौके पर निर्माण कार्य की स्थिति बेहद चिंताजनक है। तकनीकी मापदंडों के अनुसार सड़क की नींव यानी डब्लू एम एम का कार्य सही ढंग से नहीं किया गया है। न तो पर्याप्त पानी डाला गया और न ही वाइब्रेट हुआ। ठेकेदार द्वारा बिना डब्लूएमएम को व्यवस्थित किए सीधे इमल्शन डालकर डामरीकरण किया जा रहा है, जिससे सड़क की उम्र पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है।

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फील्ड से गायब इंजीनियर, दफ्तरों में ‘आराम’

​शुक्रवार को जब डामरीकरण का कार्य चल रहा था, तब विभाग का एक भी जिम्मेदार अधिकारी या इंजीनियर मौके पर मौजूद नहीं था। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि​ठेकेदार को अधिकारियों का पूरा संरक्षण प्राप्त है।
​निरीक्षण न करने के एवज में अधिकारियों तक मोटी कमीशन पहुँचाई जा रही है। ​कार्यस्थल पर डामर की गुणवत्ता जांचने के लिए जरूरी मशीनें तक उपलब्ध नहीं हैं। सड़क निर्माण कार्य को ठेकेदार के भरोसे छोड़ कार्यालय में आराम फरामन्ते है अधिकारी।

बिना सूचना बोर्ड के गुपचुप निर्माण

​हैरानी की बात यह है कि सड़क निर्माण शुरू होने के बावजूद अभी तक कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। ग्रामीण यह तक नहीं जानते कि सड़क की लागत क्या है और इसमें किस गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग होना है। जब इस संबंध में विभाग से पूछा गया, तो इंजीनियर का तर्क था कि “बोर्ड बनने दिया गया है जबकि सड़क बनकर तैयार होने की कगार पर है। लेकिन बोर्ड निर्माण अभी तक नहीं किया गया है

आंदोलन से मिली थी सड़क, अब भ्रष्टाचार से नाराजगी

​कोदापखा क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस सड़क के लिए लंबा संघर्ष किया है। प्रशासन को जगाने के लिए कभी कीचड़ भरी सड़क पर धान की रोपाई की गई, तो कभी दुर्गुकोंदल तक पैदल यात्रा निकाली गई। 10 साल के कड़े इंतजार के बाद मिली सड़क को इस तरह बर्बाद होते देख स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ​ग्रामीणों का कहना है की जिस बुनियाद पर डामर बिछाया जा रहा है, वह इतनी कमजोर है कि पहली बारिश में ही सड़क उखड़ने लगेगी। यह जनता के पैसे और हमारे संघर्ष का अपमान है।

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यशवंत चक्रधारी

मैं यशवंत चक्रधारी, भानुप्रतापपुर (कांकेर), छत्तीसगढ़ से हूँ और Kalam To Chalegi News का चीफ एडिटर हूँ। मेरा लक्ष्य ज़मीनी, सच्ची और निष्पक्ष खबरें आप तक पहुँचाना है। ताज़ा अपडेट के लिए Telegram और WhatsApp पर हमारे साथ जुड़ें।

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